BAIRAGAN MEERA : MAHILA SASHAKTIKARAN KI AGRADOOT (EK ADHYAYAN)
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र द्वारा यह विश्लेषित किया जायेगा की मीरा गिरधर की बैरागण बन नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत के रूप में उजाग्रित हुई | गिरधर बैरागण मीरा ने पितृ सत्तात्मक समाज के होते हुए भी स्वयं को एक स्वतंत्र नारी के रूप में उजागर कर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया | प्रस्तुत शोध के माध्यम से उनके व्यक्तित्व जिसमें मुख्यतः वैराग भाव को उनकी कृतियों अर्थात् उनके पदों द्वारा अध्ययन करने का प्रयास किया जायेगा | मध्यकाल में जब पितृसत्ता का बोलबाला था, उस समय में भी बाई सा ने अपने नाम की ऐसी छाप छोड़ी की आज भी जब कभी राजपूत वंश का नाम लिया जाता है तो मीराबाई का नाम अवश्य आता है | निष्कर्षतः कहा जा सकता है की गिरिधरनागर की बैरागण मीरा ने महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत बन नारी समाज के लिए स्वतंत्रता की उड़ान भरने हेतु पुरुषवादी सोच का खंडन एवं बहिष्कार करते हुए उन्मुक्त गगन प्रदान करने का भरसक प्रयास कर नारीवाद को जाग्रत किया है|